आम कुमाऊॅनी परिवारों में जीजा जी यानी भिनज्यू एक विशिष्ट छवि लिए रहते हैं. यहाँ फूफाजी भी उन्हीं का एक अवतार हैं. उनकी यह खास छवि बरसों-बरस ...
और पढ़ें“अरे बेटा बरुन जल्दी करो, लेट है गये हैं.” दादाजी ने स्कूटर से उतर कर तेजी से कदम बढ़ाते हुए कहा. बहोड़ापुर से सागरताल की तरफ़ जाने वाली स...
और पढ़ेंशाम को टहलते हुए सोच रहा था कवि ने ऐसा क्यों कहा – अरुण यह मधुमय देश हमारा? वह कह सकता था – देखो यह मधुमय देश हमारा, अथवा – अहो यह मधुमय द...
और पढ़ेंजिन्होंने ‘ लोकतांत्रिक ’ विश्वविद्यालयों या महाविद्यालयों में रत्ती भर भी पढ़ाई की है , वे छात्र राजनीति में ‘ नाम ’ के महत्व से जरूर प...
और पढ़ेंराजशेखर पंत सुबह उठ कर दाढ़ी बनाना एक रूटीन प्रक्रिया है. हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचते. पांच, सात या दस-बीस रुपये में डिस्पोजेबल रे...
और पढ़ेंउनके जैसा ज्वलनशील व्यक्ति मिलना मुश्किल था. लोग कहते हैं कि उनके माथे पर लिख दिया जाना चाहिये था- अत्यंत ज्वलनशील, दूरी बनाए रखें. थोड़े-ब...
और पढ़ेंपेपर लीक होने की खबर सुनते ही राज्य के तमाम छात्रों में हड़कंप मच गया और ऐसा ही कुछ हड़कंप राज्य की राजधानी में शिक्षा मंत्री के दफ्तर व सच...
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